कुरुक्षेत्र 12 मार्च | श्री जयराम विद्यापीठ में पिछले 6 दिन से नियमित गायत्री मंत्रों के जाप तथा अनुष्ठान से वातावरण यज्ञमयी बना हुआ है। गायत्री पुरश्चरण अनुष्ठान के 6वें दिन भी मंत्र साधना शक्ति के साथ गायत्री पुरश्चरण अनुष्ठान यज्ञ में विशष आहुतियां डाली गई। इस अवसर पर अनुष्ठान से उत्पन्न शक्तियों का आह्वान कर विधिवत पूजन कर सर्व जन कल्याण की कामना की गई। गायत्री अनुष्ठान के यजमान उद्योगपति गिरधर गोपाल डालमिया, द्वारा यज्ञ के पंच काष्ठ पात्रों द्वारा आहुतियां डालते हुए यज्ञ में विराजमान देवी देवताओं का आभार व्यक्त किया गया। मुख्य यज्ञशाला में वेदों के ज्ञाता आचार्य राजेश लेखवार शास्त्री व सहित 108 विद्वान ब्राह्मणों ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठानकर्ता के जीवन में सुख समृद्धि एवं जीवन की हर सफलता की कामना की गई। शास्त्री ने बताया कि नंदिनी को तो धरती पर आई कामधेनु की आत्मा कहा जाता है। गायत्री कामधेनु ही है। ऋषि वशिष्ठ को नंदिनी कामधेनु की कृपा से ही ब्रह्मर्षि का पद मिला था। उन्होंने बताया कि अनुष्ठानों की साधना सामान्य जप की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली एवं उच्चस्तरीय मानी जाती है। 7 मार्च से चल रहे गायत्री पुरश्चरण अनुष्ठान एवं यज्ञ का समापन 13 मार्च को गौदान, कन्या पूजन एवं यज्ञ पूर्णाहुति के साथ होगा। इस अवसर पर यजमान परिवार द्वारा 101 कन्याओं के पूजन के साथ गौदान किया जायेगा।
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