कैथल, 1 मई: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धौंचक ने बतौर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 22बी के तहत एक मामले में भूना प्लॉट संख्या 1 निवासी तीर्थ राम पुत्र मंगल राम को 10 ग्राम अल्प्राजोलम नशीला पदार्थ रखने का दोषी करार देते हुए 14 माह के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 2 माह की अतिरिक्त सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय द्वारा इस मामले का केवल 25 दिन में निपटारा कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार अभियुक्त तीर्थ राम को 29 अगस्त 2017 को पुलिस द्वारा दबोचा गया था तथा व्यक्तिगत जांच के दौरान पुलिस ने उससे 10 ग्राम अल्प्राजोलम नशीला पदार्थ बरामद किया था। सीवन पुलिस थाना में 29 अगस्त 2017 को नारकोटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज एञ्चट 1985 की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा 3 अप्रैल 2019 को न्यायालय में चालान पेश किया गया तथा अभियुक्त को 6 अप्रैल 2019 को चार्ज सीट किया गया। न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आज विश्व का कोई भी कोना मादक पदार्थों की तस्करी एवं मादक पदार्थों की लत के अभिशाप से अछूता नहीं रह गया है। दुर्भाग्य से हमारा देश भी मादक पदार्थों की तस्कारी के जाल में फंस चुका है तथा मादक पदार्थों की लत से ग्रसित लोगों की संख्या खतरनाक गति से बढ रही है। संयुक्त राष्टï्र की एक रिर्पोट के अनुसार भारत में लगभग 10 लाख लोग मादक पदार्थों की लत से ग्रसित हैं। मामले की पैरवी के दौरान प्रोसीक्यूशन द्वारा 7 प्रमाणिक दस्तावेज एवं 10 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष द्वारा भी एक गवाह पेश किया गया। इस मामले की पैरवी पब्लिक प्रोसिक्यूटर जनक राज ने की।
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