करनाल 17 जनवरी। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को बनाए रखना केवल सरकार और इससे जुड़े विभागो की ही नहीं है, बल्कि हर उस सख्स की है जो सड़क पर चलता है। उन्होंने कहा कि करीब 15 लाख की आबादी के करनाल जिला को 10 से 15 कर्मचारी व अधिकारी आरटीए के और 100 से 150 पुलिस के कर्मचारी व अधिकारी सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। इसका तात्पर्य यह है कि सड़क सुरक्षा को लेकर शेष स्वयं की जिम्मेदारी भी बनती है। उपायुक्त राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के समापन पर लघु सचिवालय परिसर में विभिन्न कॉलेजों के एनएसएस स्वयं सेवकों की जागरूकता रैली में युवा विद्यार्थियों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि सड़क के नियमों की अनदेखी के चलते दुर्घटनाएं और उन में मरने वालों की संख्या पर गौर करें तो एक दिन में 500 मोतें हो जाती हैं, यानि एक घन्टे में कम से कम 20 व्यक्ति सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार बन जाते है। कईं बार तो मुखिया की मौत से पूरा परिवार तबाह हो जाता है। ऐसे आकड़ो को देख कर समझ लेना चाहिए कि सड़क सुरक्षा कितनी जरूरी है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सड़क पर चलते समय ट्रैफिक पुलिस के जुर्माने या चालान का भय मानकर सुरक्षा नियमों का पालन करना ही उचित नहीं है, बल्कि उचित यह है, कि सुरक्षा नियमों को तोड़ते समय, देखने वाले उसे फॉलो ना करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली में शामिल होकर खुद भी सीखें और अपने सम्पर्क में आने वालों दूसरे लोगों को भी बताएं। कार्यक्रम आयोजन के लिए उपायुक्त ने आरटीए व पुलिस विभाग का शुक्रिया भी किया।
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