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प्रदेश के सभी गांवो को लाल डोरे से मुक्त कर उनकी आबादी देह की डिजीटल मैपिंग करवाई जाएगी

करनाल 25 दिसम्बर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सुशासन दिवस पर गुरूग्राम में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में व्यवस्था को और बेहतर बनाने के मकसद से कुछ नई पहल की, उनमें करनाल जिला के गांव सिरसी को लाल डोरे से मुक्त कर इसकी डिजीटल मैपिंग करना भी शामिल था। यह प्रोजेक्ट पायलट के तौर पर कुछ समय पहले सिरसी में किया गया था, जो सफल रहा। मुख्यमंत्री के अनुसार अब इसी आधार पर प्रदेश के सभी गांवो को लाल डोरे से मुक्त कर उनकी आबादी देह की डिजीटल मैपिंग करवाई जाएगी। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आई.डी. दी जाएगी,  जिसकी सहायता से मलकियत की रजिस्ट्री करवाई जा सकेगी। रजिस्ट्री के बाद जमीन के मालिक को उसे बेचने या खरीदने में कोई दिक्कत नहीं होगी और वे जरूरत पडऩे पर बैंको से ऋण इत्यादि भी प्राप्त कर सकेंगे। बता दें कि सुशासन दिवस पर मुख्यमंत्री ने जो नई शुरूआत की उनमें 22 जिलो की वैबसाईट, सरल पोर्टल, लोकायुक्त पोर्टल व 91 तहसीलों के राजस्व रिकॉर्ड की वैब हैलरिस शामिल हैं। उन्होंने अपने एक घण्टे से भी अधिक के भाषण में पिछले 5 सालों में हरियाणा प्रदेश में गुड गवर्नेंस यानि सुशासन को लेकर किए गए सुधारों पर लम्बी तकरीर की और बताया कि सरल पोर्टल नागरिकों के लिए भिन्न-भिन्न विभागों से सम्बंधित 489 सेवाएं उपलब्ध कराई गई थी। अब इनमें 42 सेवाओं का इजाफा करते हुए, इनकी संख्या 527 कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने आज कुछ नई घोषनाएं भी की। उन्होंने बताया कि सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इनमें जिला स्तर पर, विभागानुसार प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार होंगे। प्रदेश पर भी सर्वश्रेष्ठ कर्मचारियों को प्रथम, द्वितीय व तृृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। यह पुरस्कार अगले वर्ष 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस पर दिए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2020 को सुशासन संकल्प वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिसके लिए वर्षभर सुशासन में ओर अधिक सुधार के कार्यक्रम किए जाएंगे। सुधार के लिए आमजन के सुझाव भी लिए जाएंगे और उन्हें गुड गवर्नेंस की वैबसाईट पर अपलोड करेंगे। उन्होंने एक बात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल किसी भी विषय को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन की भूमिका में संलिप्त हो जाते हैं। हालांकि प्रजातंत्र पर हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन इससे जनता का अहित होता है। इसके लिए कर्मचारियों की जो भी जायज समस्या होगी, उसका हल पूर्व की तरह अवश्य किया जाएगा।

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