कैथल, 18 अप्रैल: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव के सभी प्रत्याशियों को चुनाव मे किए जाने वाले प्रत्येक खर्च को रजिस्टर में दर्ज करना होगा। प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर की 3 बार जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार व अन्य कार्यों के लिए प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले सभी खर्च को रजिस्टर में दर्ज करना जरूरी है। प्रत्याशियों के साथ-साथ खर्च निगरानी समिति द्वारा उनके खर्च को दर्ज करने के लिए शैडो रजिस्टर बनाएं जाएंगे। इन शैड रजिस्टर में प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक खर्च को दर्ज किया जाएगा। प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च की गणना प्रशासन द्वारा निर्धारित वस्तुओं की दरों के अनुसार की जाएगी। प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर का खर्च निगरानी समिति द्वारा तैयार शैड रजिस्टर के साथ किया जाएगा, जिसके लिए प्रत्याशियों के रजिस्टर तीन बार जांच के लिए मंगवाए जाएंगे। यदि शैड रजिस्टर व प्रत्याशी के रजिस्टर में दर्ज खर्च में अंतर मिलता है, तो प्रत्याशी को नोटिस जारी किया जाएगा, जिसका जवाब उसे 48 घंटे में देना होगा।
उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी अधिकतम 70 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। सभी प्रत्याशी अपना एक नया बैंक खाता खुलवाएं, जिसका विवरण उन्हें नामाकंन फार्म में देना होगा। चुनाव के लिए किए जाने वाला प्रत्येक खर्च उन्हें इसी खाते से करना होगा। उन्होंने बताया कि कोई भी प्रत्याशी किसी कार्य के लिए 10 हजार रुपये से अधिक का नगद भुगतान नहीं कर सकता है। यदि कोई प्रत्याशी बिना अनुमती वाहन का इस्तेमाल करता है, तो उसका खर्च उनके चुनावी खर्च में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाहन और हैलिकॉप्टर की अनुमती रिटर्निंग अधिकारी से मिलेगी, जबकि रैली, जनसभा आदि की अनुमती संबंधित क्षेत्र के एआरओ देंगे। लोकसभा प्रत्याशी द्वारा चुनाव में होेने वाले खर्च पर पैनी नजर रखने के लिए अलग से अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है।
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